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Author Topic: हिन्दी फिल्मों में अँग्रेजी का बढ़ता जोर  (Read 1826 times)
someone
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मैं हूँ न..




Ignore
« on: October 03, 2009, 01:15:59 PM »

मेरे ख़याल से हिन्दी फ़िल्मकार यहाँ बहुत बड़ी ग़लती कर रहे हैं - हिन्दी फ़िल्में अगर अंग्रेज़ी बनती गई, तो लोग हिन्दी फ़िल्मों के बजाए हॉलिवुड फ़िल्में क्यों न देखने लगेंगे Undecided. आपकी क्या राय है? अच्छा है कि मराठी, भोजपुरी, तमिल, इ. फ़िल्मों में ये प्रॉब्लेम अब तक तो नहीं आया है - फ़िल्म ही नहीं, बल्की ये भाषाएँ भी (मैं सिर्फ़ मराठी के बारे में दावे कर सकता हूँ) अब तक साफ़ सुथरी रही हैं.

हिन्दी फिल्मों में अँग्रेजी का बढ़ता जोर



आने वाली फिल्मों के नाम पर जरा गौर फरमाइए। वॉण्टेड, व्हाट्ज़ योअर राशि, वेक अप सिद, डू नॉट डिस्टर्ब, एसिड फैक्ट्री, ब्लू, ऑल द बेस्ट, लंदन ड्रीम्स। इन नामों को पढ़कर कोई भी सोच सकता है कि ये अँग्रेजी फिल्मों के नाम हैं। लेकिन ये हॉलीवुड की फिल्में नहीं बल्कि बॉलीवुड की फिल्में हैं। ये अँग्रेजी में न होकर हिन्दी में बनी हैं।

इन दिनों अपनी फिल्मों के नाम अँग्रेजी में रखने का फैशन-सा चल रहा है। दरअसल आज के फिल्मकार मानने लगे हैं कि फिल्मों को देखने वालों में ज्यादातर प्रतिशत युवाओं का रहता है। युवा बोलचाल में अँग्रेजी का ज्यादा प्रयोग करते हैं। इसलिए फिल्मों के नाम अँग्रेजी में रखना चाहिए।

नाम ही नहीं अब तो संवादों और गानों में भी अँग्रेजी का खुलकर प्रयोग होने लगा है। ये भी माना जाता है कि अँग्रेजी नाम और संवादों की वजह से फिल्म आधुनिक लगेगी, इसलिए भी हिन्दी फिल्मों में अँग्रेजी का चलन बढ़ता जा रहा है।

इस समय फिल्मों का निर्माण मेट्रो और बड़े शहर के दर्शकों को ध्यान में रखकर हो रहा है। ये धारणा है कि इन शहरों में बोलचाल में अँग्रेजी का ज्यादा प्रयोग होता है। इसलिए फिल्में भी अछूती नहीं रही है।

फिल्मकार अब ग्लोबल मार्केट को ध्यान में रखकर फिल्म बनाने लगे हैं। विदेश में रहने वाले भारतीयों को उनकी फिल्म समझ में आए, ये भी अँग्रेजी के उपयोग का एक बहुत बड़ा कारण है।

बॉलीवुड के कलाकार भले ही हिन्दी के नाम की खाते हों, लेकिन इंटरव्यू के दौरान या फिर किसी पुरस्कार समारोह के दौरान वे अँग्रेजी में बोलना ही पसंद करते हैं। आज के ज्यादातर कलाकार हिन्दी में अच्छी तरह बात भी नहीं कर पाते हैं। उन्हें हिंदी संवाद भी अँग्रेजी में लिखकर देना पड़ते हैं।

फिल्म के सेट पर ज्यादातर अँग्रेजी में ही बात होती है, लेकिन इसके पीछे वाजिब कारण भी है। ज्यादातर लोग देश के अलग-अलग हिस्सों से आए होते हैं और हिन्दी नहीं जानते। इसलिए वे अँग्रेजी बोलते हैं। लेकिन जो कलाकार हिंदी जानते हैं। फिल्मों में हिन्दी में संवाद बोलते हैं। उनका अँग्रेजी प्रेम अखरता है।


और ये एक संबंधित ब्लॉग पोस्ट भी देखें - ध्यान रहे, उन्हें हिन्दी नहीं आती.

« Last Edit: October 03, 2009, 01:20:25 PM by someone » Logged

जीवन के सफ़र में राही मिलते हैं बिछड़ जाने को
और दे जाते हैं यादें, तनहाई में तड़पाने को
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