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Author Topic: प्रकाश झा की अगली फिल्‍म में माधुरी  (Read 2082 times)
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« on: June 02, 2009, 01:06:23 AM »

जेम्सजी - आप के लिये ख़ुशख़बर (और मेरे लिये भी - मैं भी माधुरी का बहुत बड़ा 'पंखा' Wink हूँ) ..

प्रकाश झा की अगली फिल्‍म में माधुरी



http://thatshindi.oneindia.in/movies/bollywood/news/2009/05/madhuri-prakash-jha-next-movie.html



निर्देशक प्रकाश झा ने चुनावों की व्‍यस्‍तता और फिल्‍म राजनीति की शुटिंग के बीच अपनी अगली फिल्‍म की पटकथा तैयार कर ली है। गांव की पृष्‍ठभूमि पर आधारित इस पटकथा में माधुरी दीक्षित को मुख्‍य भूमिका में लिया जाएगा।

प्रकाश झा ने माधुरी दीक्षित के साथ मृत्‍युदंड बनाई थी। झा ने अपनी नई पटकथा माधुरी के पास भेज दी है। फिल्‍म की कहानी में एक युवा लडके को एक बड़ी उम्र की महिला से प्रेम करते हुए दिखाया जाएगा। अगर सूत्रों पर भरोसा किया जाए तो रनबीर उस युवा लड़के की भूमिका में होगे और माधुरी बड़ी उम्र की महिला होंगी।

शादी के बाद माधुरी की फिल्‍म आजा नच ले आई थी जो कि फ्लाप रही थी। अब झा ने उनको ध्‍यान में रखकर पटकथा लिखी है। वैसे भी रनबीर और माधुरी की जोड़ी कुछ जिज्ञासा तो जरूर जगाएगी।


कहानी कुछ अजीब लग रही है लेकिन  Tongue - चीनी कम जेसे कुछ कुछ..
« Last Edit: June 02, 2009, 01:08:57 AM by someone » Logged

जीवन के सफ़र में राही मिलते हैं बिछड़ जाने को
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« Reply #1 on: June 02, 2009, 01:13:13 AM »

और ये और एक ख़बर कि वो यशराज बॅनर्स के साथ फ़िल्म करने वाली हैं. सब मीडिया की बनी बनाई अफ़वाएँ ही लग रही हैं..

फिर दिखेंगे माधुरी के जलवे

मुंबई : अपनी मोहक मुस्कान और अदाकारी के जलवे बिखेर चुकीं माधुरी दीक्षित एक बार फ़िर से यशराज बैनर तले सिल्वर स्क्रीन पर कमबैक कर सकती हैं. इससे पहले भी उन्होंने यशराज कैंप की फ़िल्म आजा नच ले से इंडस्ट्री में अपनी दूसरी पारी की शुरूआत की थी. ये और बात है कि ये शुरूआत उनके फ़ैन्स के लिए सुर्खियों का कारण बनीं, लेकिन फ़िल्म रिलीज के बाद उनके हाथ केवल निराशा ही लगी. सुनने में आ रहा है कि वह प्रकाश झा की डब फ़िल्म लोलिता में रणबीर कपूर के साथ नजर आयेंगी. खबरों की मानें, तो दिलवाले दुल्हनियां और रब ने बना सरीखी फ़िल्में बनाने के बाद ओदत्य चोपड़ा अब तीसरी फ़िल्म बनाने की तैयारियों में हैं और इसमें वह माधुरी दीक्षित को अप्रोच करने की कोशिश कर रहे हैं. तभी तो हाल ही में उन्होंने इसके लिए मुंबई से अमेरिका की फ्लाइट पकड़ी और माधुरी को उनके घर जाकर नयी फ़िल्म की स्क्रिप्ट सुनायी. सूत्रों के मुताबिक माधुरी ने भी स्क्रिप्ट को काफ़ी इंट्रेस्ट के साथ सुना. वैसे फ़िल्म पूरी तरह से वीमेन ओरिएंटेड रोमांस पर बेस्ड है. अब तो देखना है कि उनके फ़ैन्स को माधुरी बिग स्क्रीन पर देखने के लिए और कितना इंतजार करना पड़ेगा!
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जीवन के सफ़र में राही मिलते हैं बिछड़ जाने को
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James
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« Reply #2 on: June 11, 2009, 05:55:15 PM »

जेम्सजी - आप के लिये ख़ुशख़बर (और मेरे लिये भी - मैं भी माधुरी का बहुत बड़ा 'पंखा'  Wink हूँ) ..

कहानी कुछ अजीब लग रही है लेकिन   Tongue - चीनी कम जेसे कुछ कुछ..


अच्छा, तो हम दोनों खुश हैं कि वो फिल्मों में आ रही हैं, लेकिन आप जैसे, मुझे भी यह चिंता है कि वो सही फिल्मों में नहीं आ रही है...  'आ जा नच ले' के बाद, मुझे लगा कि शायद निर्देशकों को मालूम नहीं कि उनको कौनसी भूमिकाएं निभानी चाहियें... या शायद बात यह है कि वो अच्छे 'स्क्रिप्ट' नहीं मिल रही है...  

मुझे नहीं मालूम, पर मैं ज़रूर माधुरी की फिल्में सिनेमाघर में देखने जाऊं...शायद कुछ बुरी फिल्में होंगी, पर अगर दर्शक नहीं हैं, तो यह ज़रूर कि उन की कोई फिल्में नहीं होंगी...  और जब माधुरी है, क्या कोई फिल्म सचमुच बुरी हो सकती है?  Smiley  इन दोनों में से मुझे प्रकाश झा की फिल्म पर बहुत उम्मीद है क्योंकि मुझे मृत्युदंड बहुत पसंद आई.

(समवन जी, क्या आपको मालूम है की 'script'  हिंदी में क्या कहलाता है?)

« Last Edit: June 11, 2009, 09:48:33 PM by James » Logged

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« Reply #3 on: June 12, 2009, 12:56:31 AM »


अच्छा, तो हम दोनों खुश हैं कि वो फिल्मों में आ रही हैं, लेकिन आप जैसे, मुझे भी यह चिंता है कि वो सही फिल्मों में नहीं आ रही है...  'आ जा नच ले' के बाद, मुझे लगा कि शायद निर्देशकों को मालूम नहीं कि उनको कौनसी भूमिकाएं निभानी चाहियें... या शायद बात यह है कि वो अच्छे 'स्क्रिप्ट' नहीं मिल रही है...  

हाँ, आ जा नच ले काफ़ी बेकार और बोरिंग फ़िल्म थी. स्क्रिप्ट को हिंदी में पटकथा कहते हैं, मगर अगर आप स्क्रिप्ट कहेंगे तो भी चलेगा - लोगों को दोनों शब्द आसानी से समझ में आते हैं.


Quote
मुझे नहीं मालूम, पर मैं ज़रूर माधुरी की फिल्में सिनेमाघर में देखने जाऊं...शायद कुछ बुरी फिल्में होंगी, पर अगर दर्शक नहीं हैं, तो यह ज़रूर कि उन की कोई फिल्में नहीं होंगी...  और जब माधुरी है, क्या कोई फिल्म सचमुच बुरी हो सकती है?  Smiley  इन दोनों में से मुझे प्रकाश झा की फिल्म पर बहुत उम्मीद है क्योंकि मुझे मृत्युदंड बहुत पसंद आई.

आ जा नच ले के बाद मैं सीधे थिएटर में जाकर उनकी फ़िल्में देखूँ इतनी हिम्मत मुझ में नहीं रही  Grin. मैं शायद पहले उनकी फ़िल्म डीवीडी या यूटूब पर देखूँगा. अगर अच्छी लगी तो बड़े परदे पर देख आऊँगा.. मुझे भी प्रकाश झा की ही फ़िल्म पर ज़्यादा ऊम्मीदें हैं, मगर ऐसा लगता है कि यह फ़िल्म सिर्फ़ अफ़वा थी और हक़ीक़त में ऐसी कोई फ़िल्म बन ही नहीं रही Tongue. मुझे भी मृत्युदण्ड काफ़ी अच्छी लगी थी - माधुरी में जो चीज़ है, जो कोमलता, शक्ति और साहस का अनोखा मिश्रण है वो वाकई आजकल की एक भी ऍक्ट्रेस में नहीं है.. चलो आशा करते हैं कि उन्हें कोई अच्छी फ़िल्म मिले और हमें उन्हें ऐसी फ़िल्म में देखने का फिर से मौक़ा मिले..हो सके तो बड़े परदे पर


« Last Edit: June 12, 2009, 12:58:53 AM by someone » Logged

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