बहुत खूब्.
तुमहारी हिन्दी कमाल करती है, बास्! माशल्लह्, माशल्लह्! तुम अभी तक भारत में रह चुकी हो या महज़ किताबों की पढ़ाई से इतना आला दर्जा हासिल किया है?
मेरी हिन्दी की प्रशंसा के लिये, शुक्रिया, लेकिन हक़ीक़तन मेरी हिन्दी/उर्दू बहुत अच्छी नहीं है। आप जानते हैं कि मैं हिन्दी/उर्दू ग्रूप चलाती हूँ और इसलिए मुझे हिन्दी/उर्दू अच्छी तरह से लिखनी पड़ती है। मैं बहुत कोशिश किया करती हूँ कयोंकि जब मैं ग़लती करती हूँ तो मैं इसके बारे में सुनती हूँ।
मैं भारत कभी नहीं गयी हूँ। मैंने हिन्दी/उर्दू अपने ग्रूप से और कुछ लोगों से सीखी है। लेकिन मैं हमेशा हिन्दी और उर्दू भी लिख रही हूँ क्योंकि मुझे बहुत मज़ा आता है जब मैं हिन्दी/उर्दू में काम करती हूँ। मैं हिन्दी और उर्दू में बहुत पढ़ती भी हूँ।